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तकनीकी लेखन में अक्सर प्रयुक्त एक अन्य उपयोगी सूचना-संरचना कारणों और प्रभावों की चर्चा है।
कारण–प्रभाव कथा क्या है?
इस प्रकार की कथाएँ निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर देती हैं:
- इसके कारण क्या हैं (या थे)? यह कैसे और क्यों होता है (या हुआ)?
- किस बात ने किसी स्थिति, समस्या या दुर्घटना को जन्म दिया?
- यह जिस प्रकार कार्य करता है, उसका कारण क्या है?
- इसके प्रभाव, परिणाम या दुष्परिणाम क्या हैं (या होंगे)? यदि कोई विशेष स्थिति या समस्या जारी रहती है तो क्या होगा?
- यह वस्तु काम क्यों नहीं कर रही है? इसमें क्या खराबी है?
- यदि कोई विशेष योजना या कार्यवाही की जाए तो कौन से परिवर्तन होंगे?
- किसी विशेष समस्या या स्थिति से कैसे बचा जा सकता है?
- किसी कार्य या वस्तु के लाभ, फायदे या हानियाँ क्या हैं?
- किसी समस्या के एक या अधिक संभावित समाधान क्या हैं?
नोट: एक पूर्ण कारणात्मक कथा (causal narrative) का उदाहरण देखें।

इस अध्याय का NotebookLM द्वारा निर्मित इन्फोग्राफिक
कुछ उदाहरण:
- बवंडर (tornadoes) क्यों उत्पन्न होते हैं? वे किस प्रकार की क्षति पहुँचाते हैं?
- यदि विश्व वर्तमान दर से पेट्रोलियम संसाधनों का उपयोग जारी रखता है, तो उसके परिणाम क्या होंगे?
- Artificial Intelligence (AI) के कारण कितनी नौकरियाँ समाप्त होंगी? कौन-सी नौकरियाँ?
- आर्थिक मंदी के प्रभाव क्या हैं?
- माइक्रोवेव ओवन कैसे कार्य करता है?
जैसा कि इन उदाहरणों से स्पष्ट है, हम मानव या सामाजिक प्रक्रियाओं, प्राकृतिक प्रक्रियाओं, यांत्रिक या भौतिक प्रक्रियाओं, ऐतिहासिक या आर्थिक प्रक्रियाओं, मौसम विज्ञान (meteorological) या जैविक प्रक्रियाओं आदि के कारणों और प्रभावों पर चर्चा कर सकते हैं।
यदि आप विचार करें, तो process narrative और causal narrative में बहुत अधिक अंतर नहीं है। दोनों समय के साथ घटित होते हैं; किसी प्रक्रिया के चरणों में अक्सर कारण और प्रभाव शामिल होते हैं। अंतर आपके उद्देश्य और जोर पर निर्भर करता है: process narrative मुख्यतः इस पर केंद्रित होता है कि कोई घटना कैसे घटित होती है; जबकि causal narrative इस पर कि वह घटना क्यों घटित होती है। process narrative किसी वस्तु के कालक्रम (chronology) पर केंद्रित होता है; causal narrative कारणों और प्रभावों पर केंद्रित होता है।
- मैं आपको क्रमबद्ध तरीके से बता सकता हूँ कि फोटो कैसे लिया जाता है या फोटो लेते समय कैमरे के भीतर कौन-सी घटनाएँ घटित होती हैं—यह process narrative है।
- लेकिन मैं यह भी समझा सकता हूँ कि फोटो लेते समय कौन-से भौतिक और रासायनिक सिद्धांत कार्य करते हैं, और कौन-से सिद्धांत वास्तव में आपको फोटो लेने में सक्षम बनाते हैं—यह causal narrative है।
हालाँकि, कुछ विषयों में, जैसे बवंडरों (tornadoes) की व्याख्या करना, स्पष्ट अंतर करना लगभग असंभव है। यहाँ कुछ तुलनात्मक उदाहरण दिए गए हैं:
| विषय | Process narrative | कारण–प्रभाव कथा |
| बिजली (Lightning) | घर के उपकरणों को बिजली से कैसे सुरक्षित रखें | कौन-सी प्राकृतिक घटनाएँ बिजली उत्पन्न करती हैं |
| निर्देश लेखन | स्पष्ट और समझने योग्य निर्देश कैसे तैयार करें | निर्देशों के अस्पष्ट होने के कारण क्या हैं |
| बच्चों द्वारा भाषा का तीव्र अधिग्रहण | बच्चों को भाषा तेजी से सीखने में कैसे सहायता करें | कुछ बच्चे भाषा तेजी से क्यों सीखते हैं |
| टमाटर उगाना | टमाटर कैसे लगाएँ और उनकी देखभाल कैसे करें | टमाटर की कम उत्पादकता के कारण |
| एयर कंडीशनिंग | परंपरागत प्रणालियों द्वारा ठंडी हवा कैसे उत्पन्न की जाती है | इस गर्मी में आपका एयर कंडीशनिंग अधिक महँगा क्यों पड़ रहा है |
निम्नलिखित कुछ सामान्य कारण हैं जिनके चलते आपको कारणों और प्रभावों पर चर्चा करने की आवश्यकता पड़ सकती है:
- आपको किसी वस्तु द्वारा की गई क्षति का अभिलेख चाहिए। फ़ोटोग्राफ़ सहायक हो सकते हैं, परंतु शब्दों की भी आवश्यकता हो सकती है।
- आपको किसी प्रक्रिया में कार्यरत वैज्ञानिक सिद्धांतों का विवरण चाहिए ताकि आप निर्देशात्मक प्रक्रिया (instructional procedure) में समझ सकें कि आप क्या कर रहे हैं।
- आपको किसी वस्तु के कारणों को समझना आवश्यक है ताकि आप उसे बेहतर ढंग से नियंत्रित या समाप्त कर सकें।
- आपको किसी वस्तु के प्रभावों को समझना आवश्यक है ताकि आप उसे रोकने या उसकी संभावना बढ़ाने के लिए कार्य कर सकें।
कारण–प्रभाव कथाओं को कैसे व्यवस्थित करें?
कारणात्मक कथा की सामग्री का संगठन इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितने और किस प्रकार के कारणों तथा प्रभावों पर चर्चा कर रहे हैं:
- एक कारण–एक प्रभाव—एक कारण एक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है; उदाहरण के लिए, रेडिएटर में रिसाव कार को अधिक गरम (overheat) कर सकता है।
- अनेक कारण–एक प्रभाव—कई भिन्न कारण एक ही प्रभाव की ओर ले जा सकते हैं; उदाहरण के लिए, उच्च बेरोजगारी, उच्च ब्याज दरें और उच्च रियल एस्टेट लागत (कारण) रियल एस्टेट बिक्री में कमी (प्रभाव) का कारण बन सकते हैं।
- एक कारण–अनेक प्रभाव—एक कारण अनेक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है। उदाहरण के लिए, greenhouse effect के समर्थकों का मानना है कि वायुमंडल में CO2 की वृद्धि (कारण) मौसम के पैटर्न में परिवर्तन, उच्च तापमान, सूखा, अधिक तूफानी गतिविधि और समुद्र-स्तर में वृद्धि (प्रभाव) का कारण बनेगी।
- क्रमिक कारण और प्रभाव—एक कारण एक प्रभाव उत्पन्न कर सकता है, जो आगे चलकर दूसरे प्रभाव का कारण बन जाता है, और इसी प्रकार आगे बढ़ता है। उदाहरण के लिए, greenhouse effect के समर्थक तर्क देते हैं कि जीवाश्म ईंधनों का बढ़ता दहन (कारण) वायुमंडल में CO2 की वृद्धि (प्रभाव) का कारण बनता है, जो आगे चलकर प्रणाली से कम तापीय ऊर्जा के पुनः विकिरण (प्रभाव) का कारण बनता है, जो अंततः वैश्विक तापमान में वृद्धि का कारण बनता है।
- वैकल्पिक कारण और प्रभाव—कारण और प्रभाव वैकल्पिक हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि कार स्टार्ट नहीं होती (प्रभाव), तो इसका कारण मृत बैटरी (वैकल्पिक कारण 1), गैस टैंक में ईंधन का अभाव (वैकल्पिक कारण 2), या कोई खराब पुर्जा (वैकल्पिक कारण 3) हो सकता है।

एक संक्षिप्त कारणात्मक कथा में प्रभावों का संगठन। पहले कारण बताया जाता है; फिर प्रभावों पर एक-एक करके चर्चा की जाती है।
एक सरल उदाहरण पर विचार करें: मान लीजिए आप यह चर्चा करना चाहते हैं कि एक ही स्थिति ने अनेक समस्याओं को जन्म दिया—अर्थात एक कारण से अनेक प्रभाव उत्पन्न हुए। एक ही अनुच्छेद में, प्रारंभिक कुछ वाक्य कारण पर केंद्रित हो सकते हैं; उसके बाद के प्रत्येक वाक्य प्रभावों पर केंद्रित होंगे। विस्तृत कथा में, कारण पर एक अलग अनुच्छेद और प्रत्येक प्रभाव पर अलग-अलग अनुच्छेद हो सकते हैं। उपर्युक्त रूपरेखात्मक आरेख (schematic diagram) दर्शाता है कि एक-अनुच्छेद दृष्टिकोण कैसा दिखाई देगा।
कारणों और प्रभावों पर चर्चा कैसे करें?
कारणों और प्रभावों की वास्तविक चर्चा वर्णनात्मक (descriptive) या process writing की तरह तुरंत पहचानी नहीं जाती। सामान्यतः कारणात्मक कथाएँ घटनाओं का वर्णन करती हैं और वस्तुओं का विवरण देती हैं। इन्हें विशिष्ट बनाता है कारणों और प्रभावों को इंगित करने के लिए transitional words (संक्रमणकारी शब्दों) का उपयोग।
इस वाक्य में:
सरकार द्वारा बढ़ा हुआ deficit spending मुद्रास्फीति (inflation) में वृद्धि की ओर ले जाता है
क्रिया "की ओर ले जाता है" कारण और प्रभाव के बीच संबंध स्थापित करती है। इस अंश में, संयोजक शब्द "फलस्वरूप" वियतनाम युद्ध को लेकर देश के भीतर बढ़ते आक्रोश और जॉनसन के पुनः चुनाव न लड़ने के निर्णय के बीच कारणात्मक संबंध स्थापित करता है:
इसी दौरान देश के भीतर युद्ध के विरुद्ध क्रोध, शत्रुता और खुला विद्रोह बढ़ता गया। जॉनसन ने यह महसूस किया कि इस वातावरण में उनका पुनः निर्वाचित होना संभव नहीं है; फलस्वरूप उन्होंने एक और कार्यकाल के लिए चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया।

एक कारण–प्रभाव संबंध जिसमें एक प्रभाव प्रस्तुत किया जाता है और उसके कारण का विस्तृत विश्लेषण किया जाता है।
कारण–प्रभाव कथाओं का प्रारूप (format) कैसे तैयार करें?
कारण–प्रभाव कथाओं से विशेष रूप से संबंधित प्रारूप के बारे में कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:
- शीर्षक (Headings). यदि आप एक विस्तृत कारणात्मक कथा लिखते हैं और प्रत्येक कारण या प्रभाव के लिए अलग-अलग अनुच्छेद रखते हैं, तो शीर्षकों को उन कारणों को स्पष्ट रूप से संकेत करना चाहिए। (इस अध्याय के उदाहरण देखें।) अधिक विवरण के लिए शीर्षक अध्याय देखें।
- सूचियाँ (Lists). यदि आप क्रमिक कारणों और प्रभावों पर चर्चा करते हैं, तो संभवतः आपको वाक्य के भीतर क्रमांकित सूचियों और लंबवत क्रमांकित सूचियों की आवश्यकता होगी। यदि आपके पास अनेक कारण या प्रभाव हैं, परंतु उनके बीच कोई आवश्यक क्रम नहीं है, तो बुलेट सूची उपयुक्त होती है। अधिक विवरण के लिए सूचियाँ अध्याय देखें।
- आलेख (Graphics). कारणात्मक कथाएँ अक्सर कारणों और प्रभावों के बीच संबंध दर्शाने के लिए संकल्पनात्मक आरेखों (conceptual diagrams) का उपयोग करती हैं। इनमें आप समय के साथ घटित होने वाले कारणों और प्रभावों का स्थानिक निरूपण (spatial representation) प्रस्तुत करते हैं। अधिक विवरण के लिए आलेख अध्याय देखें।
- शैली (Style). अन्य तकनीकी लेखन की तरह, कारण–प्रभाव कथाओं में संख्याओं, प्रतीकों और संक्षेपों का व्यवहार समान रूप से किया जाता है। सटीक माप मान (exact measurement values) अंकों (numerals) में लिखे जाने चाहिए, चाहे वे 10 से कम ही क्यों न हों। अधिक विवरण के लिए तकनीकी शैली अध्याय देखें।

कारण–प्रभाव कथाओं का रूपरेखात्मक दृश्य। ध्यान रखें कि यह केवल सामग्री और संगठन का एक सामान्य या प्रचलित मॉडल है—अन्य कई मॉडल भी संभव हैं।
इस अध्याय के संबंध में आपके विचार, प्रतिक्रियाएँ और आलोचना का स्वागत है: प्रतिक्रिया—David McMurrey
