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जब विश्वविद्यालयों के इंजीनियरिंग विद्यालयों में तकनीकी लेखन का शिक्षण प्रारंभ हुआ, तब इसे लेखन-शैली में कठोर रूप से वस्तुनिष्ठ परिभाषित किया गया—यहाँ तक कि “मैं” जैसे प्रथम पुरुष एकवचन के स्थान पर कर्मवाच्य (passive voice) का उपयोग करने तक। मानक मॉडल प्राथमिक शोध-रिपोर्ट था। किंतु बाद में हमने यह समझा कि तकनीकी संप्रेषण केवल प्राथमिक शोध-रिपोर्ट तक सीमित नहीं है। इस व्यापक दृष्टिकोण में यह स्पष्ट हो गया कि तकनीकी लेखकों को अपने मुख्य कार्य में प्रायः प्रेरक संप्रेषण का सहारा लेना पड़ता है।

प्रेरणा क्या है?

प्रस्तावों (proposals) और प्रगति-रिपोर्टों (progress reports) की मूल संरचना में प्रेरणा निहित होती है। लोगों को किसी परियोजना के लिए आपको नियुक्त करने के लिए और उन्हें यह आश्वस्त करने के लिए कि परियोजना सुचारु रूप से चल रही है, आपको प्रेरक रणनीतियों की आवश्यकता होती है। यह अध्याय सामान्य प्रेरक रणनीतियों की समीक्षा करता है ताकि आप ऐसे दस्तावेज़ लिखने के लिए तैयार हो सकें—साथ ही अन्य प्रेरक तकनीकी दस्तावेज़ भी। सामान्य प्रेरक लेखन-रणनीतियों को समझकर आप निम्नलिखित प्रकार के दस्तावेज़ विकसित करने में सक्षम होंगे:

टिप्पणी: प्रेरणा के उदाहरण देखें।

प्रेरणा वह संप्रेषणात्मक प्रयास है जिसके द्वारा लोगों को किसी विशेष ढंग से सोचने या कार्य करने के लिए राज़ी किया जाता है—उदाहरण के लिए, नगर-स्तरीय पुनर्चक्रण कार्यक्रम के पक्ष में मतदान करना, कोयला-आधारित विद्युत संयंत्रों के निर्माण का विरोध करना, आदि—या इसके विपरीत!

कुछ लोगों के दृष्टिकोण से प्रेरणा तकनीकी संप्रेषण का वैध उपकरण नहीं है। उनके अनुसार, तकनीकी लेखन “वैज्ञानिक,” “वस्तुनिष्ठ,” और “तटस्थ” होना चाहिए। किंतु यदि आप मानते हैं कि प्रस्ताव, प्रगति-रिपोर्ट, जीवन-वृत्त, आवेदन-पत्र, और यहाँ तक कि शिकायत-पत्र भी तकनीकी संप्रेषण के उदाहरण हैं क्योंकि वे प्रायः तकनीकी जानकारी प्रस्तुत करते हैं, तो आप देखेंगे कि प्रेरणा तकनीकी संप्रेषण का एक महत्त्वपूर्ण उपकरण है।

संदर्भ:

इस अध्याय का NotebookLM द्वारा निर्मित इन्फ़ोग्राफ़िक

प्रेरणा के उपकरण क्या हैं?

प्रेरणा का शास्त्रीय दृष्टिकोण, जिसे अरस्तू (384–322 ईसा पूर्व) ने अपनी पुस्तक Art of Rhetoric में प्रस्तुत किया, पाठकों और श्रोताओं के लिए निम्नलिखित अपीलों (appeals) को सम्मिलित करता है:

आपने संभवतः “शैलीगत” (stylistic) अपील के बारे में भी सुना होगा: अर्थात भाषा और दृश्य-प्रभावों का उपयोग कर प्रेरक प्रभाव को बढ़ाना। उदाहरण के लिए, जीवन-वृत्त का आकर्षक और सुसज्जित डिज़ाइन उसके विषय-वस्तु जितना ही सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

आपने अपनी वक्तृत्व और रचना (Rhetoric and Composition) की पढ़ाई में Toulmin दृष्टिकोण के बारे में भी पढ़ा होगा। इस पूर्ण प्रणाली में दावा (claim), आधार (grounds), औचित्य (warrant), समर्थन (backing), और प्रत्युत्तर (rebuttal) शामिल हैं; किंतु विशेष रूप से उपयोगी तत्व है प्रत्युत्तर, और दूसरा है जिसे concession (स्वीकारोक्ति) कहा जाता है।

  • प्रति-तर्क (Counter-argument). किसी प्रेरक लेख को पूरी तरह विरोधी के तर्कों को खंडित करने की संरचना पर आधारित किया जा सकता है। निम्न उदाहरण पर विचार करें:


    प्रति-तर्क का उदाहरण। यह अनुच्छेद पुनर्चक्रण (recycling) के विरुद्ध एक तर्क को दोहराते हुए आरंभ होता है, फिर उसकी आंशिक सत्यता को स्वीकार करता है, किंतु अंत में यह दिखाता है कि वह मुख्य मुद्दे से अप्रासंगिक है।

    पूरा उदाहरण देखें।
  • स्वीकारोक्ति (Concession). स्वीकारोक्ति में आप यह मानते हैं कि विरोधी पक्ष के कुछ तर्कों में कुछ वैधता है, किंतु आप यह स्पष्ट करते हैं कि वे आपके समग्र तर्क को क्षति नहीं पहुँचाते। स्वीकारोक्ति आपकी व्यक्तिगत अपील को सुदृढ़ करती है: यह आपको अधिक उदार और खुले विचारों वाला दर्शाती है।
  • संश्लेषण (Synthesis). आधुनिक वक्तृत्वविद् हमें यह सलाह देते हैं कि प्रेरणा की प्रक्रिया को पूर्ण युद्ध—जीत या हार—के रूप में न देखें। जब लोग अपने मतों में जड़ हो जाते हैं, तो वे दूसरे पक्ष के तर्कों को सुनना बंद कर देते हैं। ऐसी कठोरता समस्या के समाधान और सामान्य जीवन की ओर बढ़ने में बाधा बनती है। इसके स्थान पर प्रति-तर्क, प्रत्युत्तर और स्वीकारोक्ति की प्रक्रिया ईमानदार और निरंतर होनी चाहिए, जब तक कि सभी पक्ष संश्लेषण तक न पहुँच जाएँ—एक मध्य मार्ग जहाँ वे अपने “हथियार” रखकर सहमति बना सकें।


    एक अनुच्छेद का प्रेरक उदाहरण। यह अनुच्छेद उन कई अनुच्छेदों में से एक हो सकता है जो पुनर्चक्रण आंदोलन को अविश्वसनीय सिद्ध करने का प्रयास करते हैं।
  • प्रेरणा में सामान्य त्रुटियाँ क्या हैं?

    आपको प्रेरक प्रयासों में प्रायः पाई जाने वाली तार्किक भ्रांतियों (logical fallacies) के प्रति भी सजग रहना चाहिए:

    एक प्रेरक दस्तावेज़ कैसे लिखें

    तकनीकी लेखन के संदर्भ में प्रेरक लेखन के लिए निम्नलिखित दिशानिर्देश हैं:

    Carl Sagan’s Baloney Detection Kit

    Carl Sagan’s Bullshit Detection Kit — और अधिक भ्रांतियाँ।


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